दील हो गया है दीवाना,
जब से तुजे देखा जानेजाना,
खयालो मे तेरे मै रहेता हु,
सब से अब मै ये कहेता हु,
क्या दोस्तो यही प्यार है,
या मुजको चढा बुखार है,
तु अगर जो हा कहेदे तो,
हम कभी के तैयार है,
डोली लेके तेरे दर आयेंगे,
तुजको अपने दील मे बसायेंगे,
सपने जो देखे है सारे हमने,
सच सारे हो जायेंगे,
हरपल होठोपे तेरा है अफसाना,
तुजको ही मैने अपना है माना….
दील हो गया है दीवाना,
जब से तुजे देखा जानेजाना,