न्युज और टीवी -
न्युज और टीवी , वाह कया रंग दिखलाते है ,
अच्छे अच्छे पहेलवानो को ये नचाते है ,
खलि कि खलबलि ,
देखो ना कित्तनी चली,
जादु के नये कारनामे,
टाइमपास के अफसाने,
एक ना एक सीन ये हजार बार दीखाते है,
मन मंदीर मे आके कीतनी घंटी बजाते है,
कही पथ्थरो की बारिश,
तो कही नेता की सीफारिश,
मौत के नये नये फंडे,
चाहे संडे हो या मंडे,
हर महीने इक बच्चे को टयुब मे गीराते है,
कुछ ना मीले तो आदमी को हवा मे ऊडाते है,
सलमान को बहोत नीचोडा,
संजय को भी नही छोडा,
राखी तो उनकी एम्प्लोइ है,
दीपीका लफडो मे खोइ है,
प्रेरना की शादीयाँ, तलाख कीतनी बार करवाते है,
बजाज को मारकर साला वापस जिदां ले आते है,
बानी को घर घर अच्छी बहू बनाते है,
फिर डांस शो मे उसीसे केब्रे करवाते है,
चलो दोस्तो ये सब हम साथ मे बंध कराते है,
लोगो तक बात पहुचाने हम भी नया न्युज चैनल लाते है
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