कल कल मे खुशीयो का पल बीता जाये
कल कल मे खुशीयो का पल बीता जाये,
कुछ न बन पाये वो, कुछ न कर पाये,
प्यार है तो साला, हम ये सोचेगें,
आज नही यारो, उसको कल कहेगें,
दील मे छुपा है जो, दील मे रहेगा,
वो बीना मतलब कि ही बातें कहेगा,
कल कल के चक्कर मे, सुरज ये ढल जाये,
रात के अधेरे मे , ऊम्मीदे निकल जाये,
दोस्तो से चार बाते, चलो कल करेंगे,
प्यार से मुलाकाते, चलो कल करेंगे,
बुरा कुछ कहेना है, फट से वो कहेंगे,
अच्छा भला कहेने मे वो पीछे ही रहेंगे,
करना है जो तुजको, आज ही तु करले,
जो सब है सपनो मे, जीवन मे तु भरले,
दामन तुम्हारा भी हर खुशी से भर जाये
तेरी सारी दुनीया, फुल्टु स्वगँ बन जाये..
….कल कल मे खुशीयो का पल बीता जाये,
The URI to TrackBack this entry is: http://poemsy.wordpress.com/2008/03/28/kal-kal-me-khusiyo-ka/trackback/
करना है जो तुजको, आज ही तु करले,
जो सब है सपनो मे, जीवन मे तु भरले,
दामन तुम्हारा भी हर खुशी से भर जाये
तेरी सारी दुनीया, फुल्टु स्वगँ बन जाये..
ab bole to,har word khara hai kavi ji,just awesome