दील खाली है, आशीयाँ भी
दील खाली है, आशीयाँ भी खाली सा लगे,
तुम बिन मुजे ये जहाँ भी खाली सा लगे,
तडप रहा हु तेरी यादो मे ओ मेरे सनम,
अब ये घटा और ये समा भी खाली सा लगे,
तुमको देखा तो मोहब्बत क्या है, ये जाना,
तेरी ही आखो से प्यार का जहाँ पहेचाना,
खुली है आखेँ मगर, सपने तुम्हारे है सनम,
इन पतझड के मौसम मे भी बहाँरे है सनम,
महल मेरा तुम बीन दीलोजाँ खाली सा लगे
प्यार बीना तेरे, गुलिस्ताँ भी खाली सा लगे,
दील खाली है, आशीयाँ भी खाली सा लगे,
तुम बिन मुजे ये जहाँ भी खाली सा लगे,
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