हम हम है बाकी सब पानी कम है,
आज के नेताओका यही तो धरम है,
कुसीँ के खेल के बाजीगर है ये,
सच कहु तो यार इनमे बडा दम है,
सचाइ से कया हासील है यार यहा तो पैसा भगवान है,
हम तो जानवर से रहे गये हे बस वही लोग इनसान है,
एकटीग मे साले ये, साहरुख अमीताभ से भी महान है,
आजकल पोलीटीकश की हर जगह खुल गइ दुकान है,
जीस मा का दूध पी कर बडे हुए है,
प्रुव कर सकते है की वो वीसकी-रम है,
कुसीँ के खेल के बाजीगर है ये,
सच कहु तो यार इनमे बडा दम है